दृश्य लोकसभा 2024

लड़ते थे जो सदा हमेशा भ्रष्टाचार के मुद्दों पर,
लोकपाल को लाने बैठे अनशन करने गद्दों पर;
आज मूड जो ऐसा बदला बैठे उन्हीं की गोदी में,
जिनसे थी तकलीफ सदा बंध गए उनसे शादी में।

अभी 60 साल का युवा है जो बोलने का जिसको ढंग नहीं,
सलाहकार पित्रोदा वह है जिसको भरत भूमि का संग नहीं;
माता और बहिनिया ने तो हार मान ली है अब,
अधेड़ राजकुमार न जाने बाज आएंगे कब।

अब हर साल जो बदल मंत्री क्या वह काम कर पाएगा,
भ्रष्टाचार हो जिनकी नस में वह क्या बदलाव लाएगा;
क्या है गारंटी नहीं लड़ मरेंगे सत्ता के आगोश में,
राज्यों में जो मर रहे हैं एक दूसरे से आवेश में।

नाम रखकर क्या देश का क्या देशभक्त बन जाओगे,
I.N.D.I.A. बनकर भी तुम क्या INDIA से वफादारी निभाओगे;
दशकों सत्ता में सहा है तुमको अब नहीं फंस जाएंगे,
राष्ट्रीय सुरक्षा की खातिर तुमको अंतिम धूल चटाएंगे।

।।लोकतंत्र अमर रहे ।।भारत माता की जय।।
~सक्षम हिंदुस्थानी

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