भगतसिंह और वीर सावरकर संबंध एवं समन्वय
शहीद भगत सिंह और वीर सावरकर विनायक दामोदर सावरकर का संबंध भगत सिंह से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक बेहद दिलचस्प, गहरा और बहुआयामी अध्याय है। वर्तमान राजनीतिक विमर्शों में भले ही इन दोनों को दो विपरीत ध्रुवों पर खड़ा देखा जाता हो, लेकिन ऐतिहासिक दस्तावेजों, जेल डायरियों और उनके खुद के लेखों से स्पष्ट होता है कि दोनों के बीच क्रांतिकारी सम्मान, वैचारिक प्रभाव और राष्ट्रीय स्वाधीनता का एक साझा सूत्र मौजूद था, भले ही बाद के दिनों में उनके सामाजिक और धार्मिक रास्ते अलग हो गए। इन दोनों महान राष्ट्रभक्तों के संबंधों और उनके विचारों की तुलना को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के आधार पर पूरी तरह समझा जा सकता है: * * भगत सिंह पर सावरकर के साहित्य का प्रभाव : भगत सिंह सावरकर जी के लेखन से गहरे प्रभावित थे। 1924 में 'मतवाला' और 1928 में 'कीर्ति' पत्रिकाओं में लिखे अपने लेखों में भगत सिंह ने सावरकर को "वीर", "विश्व प्रेमी" और "प्रचंड विद्रोही" कहकर संबोधित कि...