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My thoughts on the current situations/ वर्तमान परिस्थितियों पर मेरे विचार

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  My thoughts on the current situations/ वर्तमान परिस्थितियों पर मेरे विचार DISCLAIMER : My thoughts are for those who are doing good work which is also expected. Those who work for the welfare of the society are also selflessly active in the society, who do not care about those who criticize and they continue to fulfill their duty.  While writing this article I had to concentrate a lot because negative and selfish groups and people were emerging in my imagination, but I had to write this article like walking on the edge of a sharp sword and a knife and with a positive attitude because what I wanted to write has unexpectedly become a coincidence today. Many people are writing for those people who are doing something different from expectations, working for selfish reasons which is not even expected.    अस्वीकरण : मेरे विचार उन लोगों के लिए हैं जो अच्छा काम कर रहे हैं, जिसकी उनसे अपेक्षा भी की जाती है। समाज कल्याण के लिए काम करने वाले लोग निस्वार्थ भाव से समाज में सक्...
If a government wants to do something, what can it not do? यदि कोई सरकार कुछ करना चाहती है, तो वह क्या नहीं कर सकती? Hon'ble sir / माननीय महोदय                Today I am writing this email because in today's era of social media, no subject can remain hidden from the people of the country for long. All types of people live in the same public, whether they are from the ruling party or the opposition, some are neutral and some even vote for NOTA. But one thing definitely comes out from this discussion that people sitting in high positions know everything, they deliberately do stupid things or harass people etc.                 आज मैं यह ईमेल इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि सोशल मीडिया के इस युग में कोई भी विषय देश की जनता से लंबे समय तक छिपा नहीं रह सकता। एक ही सार्वजनिक क्षेत्र में सभी प्रकार के लोग रहते हैं, चाहे वे सत्ताधारी पार्टी के हों या...

BHARAT is a Hindu nation, understand with proof #FACTS

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  BHARAT is a Hindu nation, understand with proof #FACTS We understand this in the way that whatever is said in our country Bharat by default or in other words without context, is said pointing towards only one society. We all know that the name of this society is Vedic Sanatan Manav Dharma which we know as Hindu Dharm in common language.             Everything that was said and taught in this country was only for those who were citizens, or rather, primary citizens. Whatever teachings were given in this country were always done with Hindus in mind. Every flaw in this country was pointed out with Hindus in mind. Even when the vision of what this country should be was described, it was based on Hindus. The type of tolerance that should prevail in this country was also outlined based on Hindu scriptures. All government institutions in this country have their verses in Sanskrit. The Ramayana, Mahabharata, and Gita are sung in this co...

भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। #facts

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  भारत हिंदू राष्ट्र है सबूत #FACTS के साथ समझते हैं .  इस बात को हम यूँ समझते हैं की अपने इस भारत देश में जो कुछ  भी default या यूं कहें की बिना CONTEXT के कहा जाता है वो सिर्फ एक ही समाज की और संकेत करते हुए कहा जाता है। हम सभी जानते है की इस समाज का नाम है  वैदिक  सनातन  मानव  धर्म   जिसे  हम  साधारण  भाषा  में  हिन्दू  धर्म  से  जानते  है।               इस देश में जो भी चीज कही गई, सिखाई गई वह केवल उसी के लिए थी जो इस देश का नागरिक है या यूं कहूं कि प्राथमिक नागरिक है। हमेशा इस देश में जो भी शिक्षाएं दी गई वह हिंदुओं को ध्यान में रखकर दी गई। इस देश में जो भी कमियां गिराई गई वह हिंदुओं को ध्यान में रखकर गिनाई गई। इस देश को कैसा होना चाहिए यह भी जब बताया गया तो भी हिंदुओं के आधार उस पर रखे गए। इस देश में किस प्रकार का सहनशीलता का होना चाहिए वह भी हिंदुओं के शास्त्रों को ध्यान में रखकर बताया गया। इस देश की सभी सरकारी संस्थाओं के श्लोक संस्कृत में है। इस देश में रामायण...

हिंदू मुस्लिम क्यों????

हिंदू - मुस्लिम क्यों करते हो??? यही प्रश्न उन सभी के दिमाग में आता है जो कुछ तथ्यों से अनजान हैं अथवा वामपंथी इतिहास ही जानते हैं। हिंदू-मुस्लिम कौन करता है यह जानने के लिए आइये कुछ तथ्यों पर नज़र डालते हैं ज्यादा पीछे नहीं 20वीं शताब्दी के तथ्य ही देखेंगे। ग्रीक, हूण, शक, यवन, मुगल व अंग्रेजों से लड़ते- लड़ते हम आज 21 वीं सदी में स्वतंत्र जीवन जी रहें हैं।  बाकि आक्रांता जब आकर भारत पर आक्रमण करते हैं लूटते हैं चले जाते हैं अपनी पंरपरा हम पर नहीं थोपते उन्हें हम केवल लुटेरे कह सकते हैं जो केवल सत्ता या संपत्ति के लिए आये हों जो कि विभिन्न प्रकार के शासक करते आये हैं। लेकिन आधुनिक भारत में 1900 के बाद जब अंग्रेज तत्कालीन शासक थे तब मोहनदास करमचंद गांधी के सहभागिता से खिलाफत आंदोलन हुआ (1919- 1924) यह हम सब जानते हैं। Narrative ये था कि यह स्वतंत्रता का आंदोलन है लेकिन Reality में यह तुर्की के खलीफा के पक्ष में हुआ आंदोलन था।  यह विवाद मुसलमान व अंग्रेजों के बीच में था लेकिन प्रतिक्रिया स्वरूप उसमें कटा व मरा कौन??? हिंदू (मोपला कांड) । इस घटना का जिक्र डॉ. भीमराव अंबेडकर की किता...

1$Above 90₹

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🏵️🇮🇳🏵️🇮🇳🏵️🇮🇳🏵️🇮🇳🏵️🇮🇳🏵️ `$1 = 90.23 ₹` बिल्कुल चिंता का विषय है, शत प्रतिशत। लेकिन क्या केवल सरकार के लिए या हम देशवासियों के लिए भी। केवल सरकार की ही जिम्मेदारी है क्या???? सरकार तो स्वदेशी, Vocal for Local, Made In India and Make In India का नारा अच्छे से समझा रहे हैं, अर्थव्यवस्था का ध्यान करवा रहे हैं। Artical छप रहे हैं। लेकिन हम अपना नागरिक कर्तव्य क्यों नहीं निभा रहे??? हमारा Preffered Shoping app *Amazone* है हमें product अमेरिकी पसंद आ रहे हैं।  इस पर जापान की बात हमारे सबके व्यवहार में लाने योग्य है कि जब अमेरिका ने जापान में परमाणु हमले किये उसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय बाजार की नीतियों के अनुसार अमेरिकी उत्पाद जापान जाते थे तो भी सभी जापानी स्वदेशी उत्पाद ही प्रयोग करने लगे अपितु अमेरिकी उत्पाद जापान की तुलना में बेहतर थे। लेकिन जापान के लिए देश पहले था। हम भी अपना स्तर बढ़ाये, क्रिकेट मैच और रक्षा बलों के साथ-साथ यदि देश को मजबूत बनाएंगे तो यही रक्षाबल मजबूत होंगे, किसान मजबूत होगा, व्यापारी मजबूत होंगे और रोजगार बढ़ेगा।  हम हमारे देश के व्या...

Understanding RSS

https://www.youtube.com/live/Sy5VFct4IjI?si=Nvr6KsfgC5p--jK_ *`Ideas of India Summit 2025 ABP News`* *Program:- Understanding RSS* *Reporter :- Megha Prasad* *Answered by :- Arun Kumar Ji (Sahsarkarywah RSS)* ●संघ को यदि समझना है तो संघ की आंखों से देखना चाहिए क्योंकि संघ के साथ ऐसा है कि संघ की बात पहले पहुंच जाती है और संघ बाद में पहुंचता है तो जहां फिर हम पहुंचते हैं वहां अनेकों प्रश्न उत्तर हमारे सामने आते हैं हालांकि कभी कभी इसमें आनंद भी आता है। ● "भारत" एक राष्ट्र है, प्राचीन राष्ट्र है, सनातन राष्ट्र है, हिंदू राष्ट्र है। ● भारत के बारे में तीन विचार प्रचलित हैं:-  एक विचार कहता है कि भारत 1947 के बाद राष्ट्र बना या बनना प्रारंभ हुआ।   दूसरा विचार कहता है कि भारत कई राष्ट्रों से मिलकर बना है, यह एक Sub- Continent है।  ये दोनों ही विचार गलत है। ● पश्चिम में राज्य Nation बनाते हैं लेकिन जैसा कि रविंद्र नाथ टैगोर ने कहा है कि भारत में व्यक्ति, व्यक्ति से राष्ट्र बनता है। राष्ट्र पहले बना है इसका वर्णन वेदों में, रामायण, महाभारत आदि में हैं राज्य बाद में आवश्यक अ...